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मुबंई: हैडबैग मे पाई गई गणेश जी कीं सुरत

क्या आपको मालूम है कि मिनिआँडियर किस बला का नाम है? मेरा अनुमान है कि ज्यादातर लोग इस शब्द से परिचित नही होंगे। साथ ही शब्द्कोष में भी इस शब्द को ढुंढ्ना काफी मुश्कील है। हालांकी गूगल के इस दौर में कोई भी चीज पहेली बनकर नही रह सकती। जब आप गूगल पर इस शब्द के बारे में पता करेंगे, आपको पता चलेगा कि इसका इस्तेमाल महिलाओं के हैड्बैग के लिए किया जाता है, हालांकी पहले मिनीआँडियर को वैन क्लीफ और अर्पेल्स ने १९३० में बनाया था। जिसका इस्तेमाल वे जेवर, काँस्मेटीक्स और मोबाइल रखने के लिए करती है। ज्यादा तर ऒरतोकों सजने सवरने मे रुची बहोत है। फैशन जगत मे भी औरतो के चिजों पर हि ज्यादा लक्ष केद्रीत करते है। अलग अलग प्रकार के जेवर, कपडे, चप्पल, हैडबैंग लेना ओरतोंकी, पसंद है। ज्यादा तर डिजायनर इंडियन थीम पर काम करते है। पिछ्ले हप्ते राष्टीय राजधानी में एक नये आनोखे इंडियन थीम पर बने हैड्बैग का लाँन्च किया गया। जो गणेश जी की इशक्ल मे है। फैशन एक्सेसरीज में गणेश से प्रेरित होकर पहले जेवर आदि बनाए जा चुके है, पर गणेश बैग का जुमला हमें थोडा हैरान करता है। लाइबर दुनिया का जानामाना हैंड्बैग ब्रांड है। लग्जरी इंस्टिट्युट के लगजरी ब्रांड स्टेट्स इंडेक्स द्वारा लाइबर को हैड्बैंग का सबसे प्रतिष्ठित ब्रांड घोषित किया जा चुका है। यह इंडेक्स फैशन कि दुनिया मे बाइबल की तरह है। इस अमेकिन ब्रांड को ६० के द्शक में लाँच किया गया था। लेबर ने जेवर से जडित बैंगो की दुनिया में एक नए ट्रेड की शुरुआत की थी। डिजारनर कंपनी लाइबर के डिजाइनर फ्रैंक ने गणेश आकार वाली हैंड्बैग को बाजार मे लाया है। डिजाइन तैयार करने से पहले उन्होंने भगवान गणेश की ७०० तस्वीरों का जायजा लिया।हैंड्बैंग कीमत २.६५ लाख रुपये रखी गई है। अगर आप यह सोचते है ये किमत ज्यादा है। इस बैंग के कीमत को जायज ठहराते हुए फ्रैंक कहते है कि यह बैंग दिखने में पूजा रुम में रखी जाने वाली मुर्ति कि तरह लगता है। इसे बनाने में १० दिनो की कडी मशक्कत करनी पडती है। इस बैग मे ३० रंग देखने को मिलते है। साथ मे इसमें इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री मसलन रीगीन क्रिस्टल्लों पर भी काफी रक्कम खर्च करनी पडती है। साथ ही हाथ से पीतल के कवर पर सोने का पानी भी चढाया जाता है। भारत में इस बैंग के प्रमोटर मदन असमल कहते है कि इस बैंग की कीमत लाइबर के अन्य बैंग के रेंज मे ही है। असमल की कंपनी मेरीगोल्ड ग्रुप को लाइबर के बैग को बेचने का अधिकार प्राप्त है। लाइबर का यह बैंग फिलहाल मेरीगोल्ड के स्टोर्स में उपलब्ध है। हालांकी लाइबर जल्द ही भारत में अपना बुटीक खोलेगा। नई दिल्ली के वसंत कुंज में डीएलएफ इंपोरियां के लाँन्च के बाद लाइबर के बुटीक खोलने की योजना है। रीयल एस्टेट् की आसमान छुती कीमतों के मद्देनजर मेरीगोल्ड अपना ज्यादा से ज्यादा स्टोर खोलने में सक्षम नही है। कंपनी की सीईओ संगीता असमल का कहना है कि इसके मद्देनजर लाइबर के हैंडबैंग के लिए विभिन्न शहरों मे सेल लगाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। कंपनी मुंबई, दिल्ली में पहले भी ऎसी रणनीति पर काम कर चुकी है। अगले महीने चंडीगढ मे भी ऎसा ही सेल लगाए जाने की योजना है। इस बात में दो राय नही हो सकती है कि लाइबर का ब्रांड गुची और लुइ विटन से तनीक भी कम नही है और अंतरराष्टीय सेलिब्रिटीज इस ब्रांड की अवहेलना नही कर सकते। गुलाबी और सफेद रंग के हीरे से जडे लाइबर के बैग की कीमत ५० लाख रुपये तक है। लेकीन इसे खरीदने के लिए कम से कम आपको।मिनिआँडियर का मतलब तो जानना चाहिए, भले ही आप इसकी स्पेलिंग न जानें!
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