BharatTextile.com > हिंदी समाचार (Hindi Textile News)
 

नई दिल्ली: सरकार का बुनकरों के लिये ऎतिहासिक पैकेज

२००८-०९ का बजट घोषित करते समय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने छोटे और सीमांत किसानो का कर्ज माफ करने जे लिए ऎतिहासिक ६० हजार करोड का पैकेज दिए जाने का ऎलान किया था। अनुमान है कि इस पैकेज के जरिए देश कें चार करोड से ज्यादा किसानों को फायदा पहुंचेगा। किसानों को ६० हजार करोड के ऎतिहासिक पैकेज के बाद सरकार ने बाकायदा एक समिति बनाकर बुनकरों को भी पैकेज से नवाजने की तैयारी कर ली है। उच्च शीर्षस्थ सरकारी सुत्रॊं ने न बताया कि केंद्र सरकार इन बुनकरों पर ३१ मार्च २००६ तक चढे कर्ज और सुरसा तरह बढते उसके ब्याज को माफ करने पर विचार कर रही है। इसके साथ सरकार का इरादा इनके लिए बनाई गईं सहकारी समितियों का बही- खाता भी दुरुस्त करने क है। हैंड्लूम और पावरलुम के संयूव्त आंकडे बताते हैं कि १९९५-९६ तक इस उद्द्य़ोग में ६५.५१ लाख से ज्यादा बुनकर काम कर रहे थे। सरकार एक और प्रस्ताव पर विचार क रही है, जिसके तहत बुनकरों और इनकी समितियों को सात फीसदी की ब्याज दर से कर्ज मुहैया कराया जा सकें इसंके लिए नेशनल बँक फाँर एग्रीकल्चर एंड रुरल डेवलपमेंट और अन्य बैंको को सरकार सब्सिडी भी देने को तैयार है। इसकें अलावा वित्त मंत्री ने २००८-२००९ में केंद्र सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य बीमा स्कीम के तहत बूनकरों को कवर करने के लिए राशि बढाकर ३४० करोड रुपए कर दी। चिदंबरम का दावा था कि मार्च २००८ तक बुनकरों के १७ लाख से ज्यादा परिवार इस स्कीम के तहत कवर कर लिए जांएगे।
This news requires a unicode font to be installed on your system.

Home Articles Newsroom Statistics Fashion Machinery Fibre Dictionary Glossary Register Free Join BharatTextile.com My BharatTextile हिंदी समाचार
About usTerms & ConditionsDisclaimerPrivacy policy • 19-11-17
Website Design by InWiz © - 2000-2017. Inwiz. All rights reserved.