SQL/DB Error -- [Table 'iplogger' is marked as crashed and should be repaired]
SQL/DB Error -- [Table 'iplogger' is marked as crashed and should be repaired]
निर्यातक अब सीधे व्यापार करने - Hindi News @ BharatTextile.com
Textile Resource for the textile industry - textile associations, hosiery, sewn products, fabric converting, garment-trim, bobbin threads, circular knit fabrics, textile consulting

 Welcome Guest. Please RegisterLogin
HomeArticlesNewsMachineryDirectoryBuy-n-SellFashionVideosFeatures हिंदी समाचार RegisterLogin  Join us on Facebook
Lakme Fashion Week Autumn/Winter 2010

BharatTextile.com > हिंदी समाचार (Hindi Textile News)
 

मुंबई: निर्यातक अब सीधे व्यापार करने से नहीं हिचक रहे

(मनीष पी. जादवानी)

कपङा उद्योग में इन दिनों विभिन्न स्थिति रहने से व्यापारी परेशानी में दिखाई दे रहे हैं । मंदी तेजी का मिला जुला रूख रहने से खासकर फ़िनिश खरीदारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है । दर असल फ़िनिश में बिक्री कम से कम एक माह तक शांत रहेगी, ऎसा जानकारों का मानना है, जब कि ग्रे स्तर पर खरीदी में व्यापारी पूर्ण तथा सक्रिय दिखाई पङ रहे है, वहीं निर्यात आर्डरों में कमी तो नहीं है लेकिन यहां डालर की तुलना में रुपये की स्थिति भले ही मजबूत होने से देश की अर्थव्यवस्था सुधर रही है ।

लेकिन निर्यातकों की स्थिति सही नहीं बताई जाती, जिससे कपङा उधोग के व्यापारी एवं उधमी परेशानी में अधिक दिखाई पङ रहे हैं। सही रूप से देखा जाए तो केवल सक्षम व्यापारी ही आगामी तैयारियों में जुटे दिखाई पङ रहे है, जिनमें निर्यातकों का भी समावेश है, क्योंकि अभी तक डालर के गिरने से जो हानि हुई है उसे कवर करने के लिए निर्यातक इन्हीं प्रयासों में है कि नये प्रोग्रामों वे नये भावों के चलते अपनी भरपाई कर लेंगे, लेकिन आर्थिक रूप से अक्षम निर्यातक ऎसा नहीं कर पा रहे, जिसका लाभ सक्षम निर्यातक भरपूर उठा रहे हैं।

उल्लेखनीय है ऎसे निर्यातक विदेशी बाजारों से सीधा (बिना एल सी ) व्यापार कर रिस्क उठाने में नहीं चूक रहे जिससे लूम मालिकों को स्वयं की क्षमता पर भरपूर प्रोग्राम देने लगे है, जिससे सुल्जर्स इकाइयों में जाबदरें बढने के भी संकेत मिल रहे हैं। निर्यात क्षेत्र में जानकारों का मानना है कि वर्तमान स्थिति कैसी भी हो किंतु आने वाले समय में निर्यातकों की स्थिति काफ़ी मजबूत होगी, क्योंकि अमेरिका अपने डालर की कमजोर स्थिति के कारण घबराहट में है और वह भारत के साथ मुक्त व्यापार करार करने को स्वयं ही आतुर है जबकि पूर्व में भारत ने मंशा जताई थी ।

बताया जाता है पुर्व में अमेरिका दो तरफ़ा मुक्त व्यापार को तैयार तो था किंतु बिना करार के ही वह ऎसी स्थिति बनाए रखना चाहता था किंतु भारतीय निर्यातक इसके लिए तैयार नहीं थे क्योंकि पूर्व में भारतीय निर्यातक घाघरा चोली एवं एजोडाइज युक्त जैसे मामलों कि भुगत चुके हैं जिसमें उन्हें करोङों रुपयों का नुकसान उठाना पङा था, यहां तक कि बंदरगाहों पर पहुंच चुके कंटेनरों को भी वापस उठाना पङा था, सो अब वैसी स्थिति नहीं उभरे इसलिए मुक्त व्यापार करार (एफ़. टी. ए.) जैसी शर्त अति आवश्यक मानी जा रही है, और जिसके लिए अमेरिकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में भारत में पहुंचकर स्थिति का जायजा लेकर जल्द इस द्विपक्षीय समझौतें को हरी झंडी देने की तैयारी कर चुके हैं, उक्त अधिकारी का मानना है कि चीन के साथ व्यापारिक संबध उच्च स्तर पर नहीं दिखाई पङ रहे, जबकि भारत एवं अमेरिका के बीच बिना करार के भी व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसे स्थायी तौर पर रूप दिया जाए तो आगे व्यापार और भी बढेगा ।

कुल मिलाकर देखा जाए तो कपङा उधोग में पिछले छह महीने से भले ही मंदी के बादल रहे हो लेकिन आने वाले समय में घरेलू क्षेत्रों में भी सीजन के लम्बे समय तक चलने की उम्मीद है क्योंकि इस बार अधिकमास के कारण ईद एक माह पूर्व आ रही है ।

This news requires a unicode font to be installed on your system.

Home Buy Sell Articles Newsroom Statistics Fashion Machinery Fibre Dictionary Glossary Register Free Join BharatTextile.com My BharatTextile हिंदी समाचार
About usTerms & ConditionsDisclaimerPrivacy policy • 03-09-10
Website Design by InWiz © - 2000-2010. Inwiz. All rights reserved.