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दिल्ली: थोक स्तर पर मंदी किंतु निराशा जैसी कोई बात नहीं(संवाददाता)दो सप्ताह पुर्व दिल्ली कपङा बाजार में जो रौनक देखने कि मिली थी वह मई के अंत में धुंधली होती गई और जून के आरंम्भ में एकदम गायब ही हो गयी । जानकारों का कहना है कि मलमास से पूर्व ही बाजार से ग्राहकी लगभग समाप्त हो चुकी हैं। इनका कहना है कि अब एक माह तक वैवाहिक तिथियां नहीं होने के कारण कारोबार को ब्रेक लग गया है ।
कुछ व्यापारियों का मानना है कि मलमास में कारोबार कमजोर होना कोई नई बात नहीं है क्योंकि वैवाहिक कार्य रूक जाते है । लेकिन कुछ अन्य व्यापारियों का कहना है कि वैवाहिक ग्राहकी तो हर वर्ष की रूक जाती है कि इस समय तो सामान्य ग्राहकी भी नहीं निकल रही है । उल्लेखनीय है कि गर्मी में कारोबार अच्छा चलने की व्यापारियों में आम धारणा थी और इसे ध्यान में रखते हुए ही सभी ने तैयारियां कर रखी थी लेकिन अब ग्राहकी कमजोर पङने के बाद निराशा व्याप्त है । जानकारों का कहना है कि बाजार में दम तोङती ग्राहकी को देखते हुए गर्मी के सीजन का कारोबार करने वाले अनेक एजेंटों, डीलरों व व्यापारियों ने ताजा चालानी ही रुकवा दी है । बाजार में धन की तंगी बराबर बनी हुई है। हालांकि इससे पूर्व व्यापारियों को आशा थी कि जून में सीमित ही निकली है। आलोच्य पखवाङे के दौरान सिंथेटिक सूटिंग में कारोबार कमजोर रहा, हालांकि कुछ मिलों ने नए आयटम बाजार में दिए है । भीलवाङा की सूटिंग की मांग कमजोर रही । शर्टिंग में कोई खास कारोबार नहीं हुआ । सिंथेटिक साङियों में सीमित पूछपरख काटन में कारोबार कमजोर पङ गया । २ x २ रुबिया में कारोबार संतोषजनक रहा ।
वैवाहिक ग्राहकी पर ब्रेक लगते ही सिंथेटिक सूटिंग में कारोबार कुछ रुक सा गया है । व्यापारियों का कहना है कि मंदी के बावजूद कुछ मिलें नये आयटम बाजार में दे रही है और नयापन होने के कारण उनमें मांग भी है । बेलमोन्टे ने बाजार में अनेक नये आयटम दिये है । मिल दिल्ली व इसके आसपास के क्षेत्रों में नेटवर्क बढाने में लगी हुई है । हाल ही में इसने दिल्ली व हरियाणा में कुछ नए डीलर बनाए है। मिल ने बाजार के रूख को देखते हुए नई पैकिंग में व्यापक रेंज में जोङे आदि बाजार में दिये है । मिल ने पैंट व शर्ट की सिंगल पैकिंग बाजार में दी है । व्यापारियों का कहना है कि नवीनता होने के कारण रिटेलर इन्हें बेचने में दिलचस्पी भी ले रहे हैं । गर्मी के सीजन को देखते हुए बेलमोंटे सफ़ारी लेंथ भी आकर्षक डिजायनों व रंगों में जारी की है । जानकारों का कहना है कि मिल की विग्यापन नीति के कारण भी बेलमोंटे की मांग निकली है। बेलमोंटे की योजना आगामी दिनों में कुछ और नई रेंज बाजार में जारी करने की भी है । ग्रेसिम ने अब काटन सूटिंग भी बाजार में दी है । इसे अच्छा समर्थन मिल रहा है । इसके अलावा मिल की फ़्रीडम की अच्छी मांग बनी हुई है । इस क्वालिटी में व्हाईट वेट में लो-फ़िल सफ़ारी की नई रेंज बाजार में दी है । ग्रेसिम में मिडोवा में भी नई रेंज जारी की है । जून की नयी बुकिंग में सियाराम ने एक बार फ़िर बाजी मार ली है । व्यापारियों का कहना है कि मिल ने पेंट - शर्ट पीस के जोङों की नई रेंज जारी की है और इसे सराहा जा रहा है । जानकारों का कहना है कि दिल्ली बाजार में इस समय इसकी मांग अन्य मिलों की तुलना में आगे चल रही है । मफ़तलाल सूटिंग की विगत दिनों अच्छी बुकिंग की गई है । विमल ने सूटिंग की नई रेंज बाजार में दी है । कम्पनी की योजना कुछ और रेंज बाजार में देने की है ताकि अपना स्थान बढाया जाए ।
विगत दिनों वैवाहिक सीजन के लिए जोङों की अच्छी मांग रही । व्यापारियों का कहना है कि प्रतिष्ठित मिलों की तुलना में विभिन्न मिलों के नाम से बेचे जा रहे जोङों की मांग अच्छी है। बाजार में इन दिनों विमल, ग्वालियर, ग्रेवियरा आदि के जोङों की भरमार है । गर्मी का सीजन होने के बावजूद काटन सूटिंग में कारोबार कमजोर रहा । व्यापारियों का कहना है कि खुदरा मांग में अचानक कमी आ गई है । बाजार में चर्चा है कि काटन सूटिंग के प्रमूख मिल के डीलरों में घमासान चल रहा है । डीलरों मे गला काट प्रतिस्पर्धा चल रही है । जानकारों का कहना कि मिल की नीति के चलते प्रतिस्पर्धा बनी हुई है और इससे डीलरों को परेशानी हो रही है। बहरहाल, रिटेलरों की इसमें चांदी है क्योंकि उन्हें कम से कम भाव पर कपङा मिल जाता है जबकि बिकता पूरे भाव पर है । भीलवाङा सूटिंग में कुछ पूछ-परख निकली है । व्यापारियों का कहना है कि कुछ रेडीमेड यूनीफ़ार्म निर्माताओं ने खरीदी आरंभ की है । शर्टिंग के कारोबार को एक बार फ़िर ब्रेक लग गए है । बहरहाल, व्यापारियों को आशा है कि जल्दी ही शर्टिंग की मांग निकलेगी क्योंकि गर्मी का सीजन तो अब आरंभ ही हुआ है।
शर्टिंग में एम्ब्रोइडरी की मांग बने रहने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है । बङे चैक अब बाजार से आऊट होते नजर आ रहे हैं जबकि छोटे चैक चलन में है । व्यापारियों का कहना है कि धारीदार शर्टिंग की मांग बराबर बनी हुई है । अनेक मिलों ने छोटी धारियों का माल बनाया है । इनका कहना है कि युवाओं में तिरछी धारियों की अच्छी मांग है । समर सीजन को देखते हुए लगभग हर मिल ने पोस्टर डिजायनों में माल दिये हैं। | |
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