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मुबंई: चीन अब क्वालिटी देना चाहता है क्वांटिटी नहीं

(संपादकीय)

टेक्सटाइल उद्योग की मशीनरी की नई मांग पर टेक्सटाइल इंजीनियरिंग (टी. ई. आई) को तेजी से दौङाया जा रहा है । वर्ष २००४-०५ के दौरान उत्पादन १६७५ करोङ था वह बढकर वर्ष २००५-०६ में २२१२ करोङ पर पहुंचा है जबकि वर्ष २००६-०७ में यह आंकङा ३००० करोङ रुपये को स्पर्श कर जायेगा, ऎसी संभावना है।

वर्ष २००५-०६ के दौरान सेकंड हैंड मशीनरी, स्पेयर पार्टस, कंपोनेंट्स और ऎसेसरीज के आयात में काफ़ी वृद्धि होने से मशीनरी का आयात बढकर ५१०० करोङ हुआ है ।

यहां यह उल्लेख करना जरुरी नहीं कि स्पेयर्स के आयात में हुई वृद्धि सेकंड हैड मशीनरी की संख्या में हुई जबर्दस्त वृद्धि जिम्मेदार है । टेक्स्टाइल इंजीनियरींग उधोग में कई उत्पादक विदेश के उत्पादकों के साथ स्पर्धा में पार उतरने के सतत अपनी तकनीकी सुधार करते जा रहे हैं जबकि इतना ही पर्याप्त नहीं । वर्तमान मांग के उछाल का लाभ लेकर हमें मात्र आधुनिक मशीनों और इक्वीपमेंट बनाने के लिए ही अधिक करने की जरुरत नहीं परंतु हमारे उपयोग कर्ताओ को ऎसे विकास से पुन: अवगत कराने की जरुरत है। प्रत्येक उत्पादक को अपनी आइटम के अनुसार विकास के सक्षिप्त विवरण और इसमें की गयी नई वृद्धि के बारे में जानकारी जर्नल में प्रकाशित करने के लिए टी. एम. एम. ए. को भेज देने के लिए में यहां से सभी को अनुरोध करता हुं।

हाल के बाजार का रुख ऎसा है कि आधुनिक उच्च गुण्वतावाला इक्वीपमेंट का समय पर और हो सके उतने कम समय में डिलीवरी और वह भी स्पर्धात्मक भाव पर प्रभावकारी से सेल्स सर्विस सहित देने की जरुरत है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे मेन्यूफ़ेक्चरर उचित तौर पर बाजार को प्रतिभाव प्रदान करेंगे । जबकि उद्योग व्यवस्थित होना चाहता है। जहां तक चीनी प्रतिस्पर्धा का प्रश्न है सो अब भारत के लिये वह डर नहीं रहा।

चीन का टेक्सटाइल उद्योग उत्पादन क्षमता विस्तरण को ठंडा कर देगा । परन्तु २००७ के वर्ष में वह प्रवर्तमान सुविधाओं और उत्पादनों को नवीन बनाने पर जोर लगायेगा, ऎसा चाइना टेक्सटाइल इंड्स्ट्री ऎसोसिएशन ने कहा है । ऎसोसिएशन के चेयरमैन दु युजावे ने बताया कि दुनिया के बाजार में ढेर के ढेर कर देते चाइनीज टेक्सटाइल प्रोडक्टों पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव को हल्का करने के लिए यह बदलाव लाने का उदेश्य है ।

जबकि उन्होंने ऎसा कहा था कि युआन के मूल्य में वृद्धि और एक्सपोर्ट रिबेट में कमी होने के बावजूद निर्यात वृद्धि चालू ही रहेगी । हमारी विकास गाथा में लचीलापन लाने का समय आ गया है। नवीनता एक चाबी है ।

उत्पादकों को अपनी टेक्नोलोजी सुधारनी चाहिए और लाभदायक ब्रांड बनाने चाहिए, ऎसा उन्होंने कहा था । चीन के पिछले वर्ष अपने व्यापार में काफ़ी घर्षण देखा था । क्योकि अमेरिका और यूरोप के व्यापार के भागीदारों ने चीन से सस्ती टेक्स्टाइल उत्पादों को घुसपैठ को रोकने के लिए आयात कोटा लादा था ।

चाईनीज जनरल एडमिनिस्ट्रेशन आफ़ कस्टम्स के बताये अनुसार चीन का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट जनवरी में चार अरब जितना हुआ था ।

टेक्स्टाइल क्षेत्र ने पिछले वर्ष एग्रीग्रेट आउट्पुट २.५ ट्रिलियन युआन (लगभग ३२९ अरब अमेरिकन डालर्स) और संयुक्त लाभ ८८.३ अरब युआन (लगभग ११.६२ अरब अमेरिकन डालर्स ) रेवन्यू और लाभ में २० प्रतिशत की वृद्धि हो, ऎसा दर्शाया गया था ।

कुल मिलाकर नतीजे यह भी दर्शाते है कि चीन अब क्वांटिट के पीछे नहीं क्वालिटी के पीछे भी ध्यान देने लगा है।

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